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घरेलू विद्युत परिपथ, लघुपथन और अतिभारण

आज क्या सीखेंगे

तीनों तारों का काम बताना तथा लघुपथन और अतिभारण में अंतर करना।

📖 उदाहरण से समझें (Learn with an Example)
घर में बिजली तीन तारों से आती है और हर तार का रंग अलग होता है।
तीसरा, हरा तार कभी-कभी ही काम आता है—पर जब आता है, तब जान बचा देता है।
🧠 समझिए (Understand)
घरों में विद्युत आपूर्ति तीन तारों से होती है—विद्युन्मय तार, जिसका विद्युतरोधन लाल रंग का होता है; उदासीन तार, जिसका काला; और भूसंपर्क तार, जिसका हरा।
भारत में घरेलू आपूर्ति 220 V की प्रत्यावर्ती धारा है, जिसकी आवृत्ति 50 Hz होती है।
घर में सभी साधित्रों को परस्पर पार्श्वक्रम में संयोजित किया जाता है, ताकि हर साधित्र को समान वोल्टता मिले और हर एक का अपना पृथक ऑन-ऑफ स्विच हो।
भूसंपर्क तार साधित्र के धात्विक आवरण से जुड़ा रहता है और विद्युत धारा के लिए अल्प प्रतिरोध का चालन पथ प्रस्तुत करता है। यदि आवरण में धारा का क्षरण हो जाए तो वह धारा भूमि में चली जाती है और साधित्र का विभव भूमि के विभव के बराबर रहता है।
इसी कारण धातु के आवरण वाले विद्युत साधित्रों को भूसंपर्कित करना आवश्यक है—इससे उपयोग करने वाला व्यक्ति तीव्र विद्युत आघात से बचा रहता है।
जब विद्युन्मय तथा उदासीन तार सीधे संपर्क में आ जाते हैं तो परिपथ का प्रतिरोध लगभग शून्य हो जाता है और धारा अकस्मात बहुत अधिक हो जाती है—इसे लघुपथन (Short circuit) कहते हैं। ऐसा प्रायः तब होता है जब तारों का विद्युतरोधन क्षतिग्रस्त हो जाए अथवा साधित्र में कोई दोष आ जाए।
जब एक ही सॉकेट से बहुत-से साधित्र जोड़ दिए जाएँ अथवा आपूर्ति वोल्टता अकस्मात बढ़ जाए तो धारा अनुमत सीमा से अधिक हो जाती है—इसे अतिभारण (Overloading) कहते हैं।
दोनों ही स्थितियों में विद्युत फ्यूज़ परिपथ की रक्षा करता है—उसमें होने वाला जूल तापन उसे पिघला देता है और परिपथ टूट जाता है।
घरेलू परिपथ और सुरक्षाविद्युन्मय (Live)फ्यूज़उदासीन (Neutral)विद्युतसाधित्रभूसंपर्कफ्यूज़ live तार में धारा रोकता है; earth तार क्षरण धारा को कम प्रतिरोध से भूमि तक ले जाता है।
फ्यूज़ विद्युन्मय तार में लगता है; भूसंपर्क तार क्षरण धारा के लिए कम प्रतिरोध का सुरक्षित रास्ता देता है।
✍️ कैसे करें (How to solve)
  1. पहले पहचानिए कि प्रश्न किस तार या किस दोष का है।
  2. फिर उसका काम अथवा कारण एक वाक्य में लिखिए।
  3. अंत में बचाव की युक्ति—फ्यूज़ या भूसंपर्क—जोड़िए।
उदाहरण 1 (Example 1) — भूसंपर्क तार का काम
भूसंपर्क तार का क्या कार्य है? धातु के आवरण वाले विद्युत साधित्रों को भूसंपर्कित करना क्यों आवश्यक है?
भूसंपर्क तार विद्युत धारा के लिए अल्प प्रतिरोध का चालन पथ प्रस्तुत करता है, जो सीधे भूमि तक जाता है।
यदि साधित्र के धात्विक आवरण में धारा का क्षरण हो जाए तो वह धारा इसी तार से होकर भूमि में चली जाती है।
इससे आवरण का विभव भूमि के विभव के बराबर बना रहता है।
इसी कारण साधित्र को छूने वाला व्यक्ति तीव्र विद्युत आघात से बचा रहता है—इसीलिए धातु के आवरण वाले साधित्रों को भूसंपर्कित करना आवश्यक है।
उदाहरण 2 (Example 2) — 2 kW का तंदूर
2 kW शक्ति अनुमतांक का एक विद्युत तंदूर किसी घरेलू विद्युत परिपथ (220 V) में प्रचालित किया जाता है जिसका विद्युत धारा अनुमतांक 5 A है। इससे आप किस परिणाम की अपेक्षा करते हैं?
तंदूर द्वारा ली जाने वाली धारा I = P/V = 2000 ÷ 220 ≈ 9.1 A।
पर परिपथ का अनुमतांक केवल 5 A है, यानी तंदूर उससे कहीं अधिक धारा खींचेगा।
इतनी अधिक धारा बहने से परिपथ अतिभारित हो जाएगा और तार गर्म हो जाएँगे।
परिणामस्वरूप परिपथ में लगा फ्यूज़ पिघल जाएगा और परिपथ टूट जाएगा, जिससे आग लगने जैसी दुर्घटना टल जाएगी।
⚠️ आम ग़लती (Common mistake)
लघुपथन और अतिभारण एक ही बात है। ❌
लघुपथन में विद्युन्मय और उदासीन तार सीधे मिल जाते हैं; अतिभारण में बहुत-से साधित्र एक साथ चलाने से धारा सीमा पार कर जाती है।
कारण अलग-अलग हैं, यद्यपि दोनों में धारा बहुत बढ़ जाती है।

खुद जाँचें — 3 छोटे सवाल

पहले विकल्प चुनें। फिर उत्तर और उसका कारण देखें। यह समझ की जाँच है।

सवाल 1

घरेलू परिपथ में भूसंपर्क तार के विद्युतरोधन का रंग क्या होता है?

सवाल 2

लघुपथन के समय परिपथ में विद्युत धारा का मान—

सवाल 3

घरों में विद्युत साधित्र किस क्रम में जोड़े जाते हैं?
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