बहुपद विभाजन एल्गोरिथ्म: भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल। हर बार सबसे ऊँची बची घात को भाजक की सबसे ऊँची घात से भाग देते हैं।
x³ को x² से भाग देने पर x मिलता है। x × (x² − 2) = x³ − 2x। घटाने पर −3x² + 7x − 3 बचता है।
−3x² को x² से भाग देने पर −3 मिलता है। −3 × (x² − 2) = −3x² + 6। घटाने पर 7x − 9 बचता है।
7x − 9 की घात (1) भाजक x² − 2 की घात (2) से कम है, इसलिए यहीं रुकें। भागफल x − 3, शेषफल 7x − 9।
भागफल x−3; शेषफल 7x−9।
बहुपद विभाजन एल्गोरिथ्म: भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल। हर बार सबसे ऊँची बची घात को भाजक की सबसे ऊँची घात से भाग देते हैं।
x⁴ को x² से भाग देने पर x² मिलता है। x² × (x² − x + 1) = x⁴ − x³ + x²। घटाने पर x³ − 4x² + 4x + 5 बचता है।
x³ को x² से भाग देने पर x मिलता है। x × (x² − x + 1) = x³ − x² + x। घटाने पर −3x² + 3x + 5 बचता है।
−3x² को x² से भाग देने पर −3 मिलता है। −3 × (x² − x + 1) = −3x² + 3x − 3। घटाने पर 8 बचता है।
8 की घात (0) भाजक की घात (2) से कम है, इसलिए यहीं रुकें। भागफल x² + x − 3, शेषफल 8।
भागफल x²+x−3; शेषफल 8।
बहुपद विभाजन एल्गोरिथ्म: भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल। हर बार सबसे ऊँची बची घात को भाजक की सबसे ऊँची घात से भाग देते हैं।
g(x) = 2 − x² को −x² + 2 लिखें (घटते क्रम में)।
x⁴ को −x² से भाग देने पर −x² मिलता है। −x² × (−x² + 2) = x⁴ − 2x²। घटाने पर 2x² − 5x + 6 बचता है।
2x² को −x² से भाग देने पर −2 मिलता है। −2 × (−x² + 2) = 2x² − 4। घटाने पर −5x + 10 बचता है।
−5x + 10 की घात (1) भाजक की घात (2) से कम है, इसलिए यहीं रुकें। भागफल −x² − 2, शेषफल −5x + 10।
भागफल −x²−2; शेषफल −5x+10।
बहुपद विभाजन एल्गोरिथ्म: भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल। हर बार सबसे ऊँची बची घात को भाजक की सबसे ऊँची घात से भाग देते हैं।
2t⁴+3t³−2t²−9t−12 को t²−3 से भाग देने पर भागफल 2t²+3t+4 और शेषफल 0 मिलता है।
शेषफल शून्य है, इसलिए t²−3 दिए गए बहुपद का एक गुणनखंड है।
बहुपद विभाजन एल्गोरिथ्म: भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल। हर बार सबसे ऊँची बची घात को भाजक की सबसे ऊँची घात से भाग देते हैं।
3x⁴+5x³−7x²+2x+2 को x²+3x+1 से भाग देने पर भागफल 3x²−4x+2 और शेषफल 0 मिलता है।
शेषफल शून्य है, इसलिए x²+3x+1 दिए गए बहुपद का एक गुणनखंड है।
बहुपद विभाजन एल्गोरिथ्म: भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल। हर बार सबसे ऊँची बची घात को भाजक की सबसे ऊँची घात से भाग देते हैं।
x⁵−4x³+x²+3x+1 को x³−3x+1 से भाग देने पर भागफल x²−1 और शेषफल 2 मिलता है।
शेषफल शून्य नहीं है, इसलिए x³−3x+1 दिए गए बहुपद का गुणनखंड नहीं है।
गुणनखंड प्रमेय (Factor Theorem): यदि p(k) = 0, तो x − k बहुपद p(x) का गुणनखंड है। उल्टा भी सही है।
√(5/3) और −√(5/3) शून्यक हैं, इसलिए (x − √(5/3))(x + √(5/3)) = x² − 5/3 एक गुणनखंड है।
पहला पद 3x⁴/x²=3x² लें। 3x²(x²−5/3) घटाने पर 6x³+3x²−10x−5 बचता है। अगला पद 6x लें; 6x(x²−5/3) घटाने पर 3x²−5 बचता है। अब 3(x²−5/3)=3x²−5 घटाएँ तो शेष 0 है। भागफल 3x²+6x+3 है।
3x²+6x+3 = 3(x²+2x+1) = 3(x+1)²। इसका शून्यक x = −1 है, जो दो बार आता है।
बाकी दोनों शून्यक −1 और −1 हैं (एक दोहरा शून्यक)।
शेष दोनों शून्यक −1 और −1 हैं।
बहुपद विभाजन एल्गोरिथ्म: p(x) = g(x)q(x) + r(x), जहाँ r(x) = 0 या r(x) की घात g(x) की घात से छोटी होती है।
भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल, यानी p(x) = g(x) × q(x) + r(x)। इसलिए g(x) = (p(x) − r(x)) ÷ q(x)।
p(x) − r(x) = (x³ − 3x² + x + 2) − (−2x + 4) = x³ − 3x² + 3x − 2।
पहला पद x³/x=x²। x²(x−2) घटाने पर −x²+3x−2 बचता है। अगला पद −x लें; −x(x−2) घटाने पर x−2 बचता है। अब 1×(x−2) घटाने पर शेष 0 है। इसलिए भागफल x²−x+1 ही g(x) है।
g(x) = x² − x + 1।
g(x)=x²−x+1।
बहुपद विभाजन एल्गोरिथ्म: भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल। हर बार सबसे ऊँची बची घात को भाजक की सबसे ऊँची घात से भाग देते हैं।
g(x) = x − 1 और q(x) = x + 1 लें। तब p(x) = g(x) × q(x) = (x−1)(x+1) = x² − 1, और r(x) = 0।
ऐसे अनगिनत उदाहरण बन सकते हैं — कोई भी दो बहुपद g(x), q(x) लेकर p(x) = g(x) × q(x) बना लें, r(x) अपने-आप 0 हो जाएगा।
p(x) को g(x) से भाग देने पर भागफल q(x) = x+1 और शेषफल 0 मिलता है — विभाजन एल्गोरिथ्म संतुष्ट होता है।
एक उदाहरण: p(x)=x²−1, g(x)=x−1, q(x)=x+1 और r(x)=0।