भूमिका (Background)साँस लेना, खाना पचाना, रुधिर का बहना और मूत्र बनना—ये सब मिलकर जीवन चलाते हैं। जो प्रक्रम जीवन के अनुरक्षण के लिए आवश्यक हैं, उन्हें जैव प्रक्रम (Life processes) कहते हैं। इस अध्याय में हम चार बड़े प्रक्रम देखेंगे: पोषण, जिसमें स्वपोषी और विषमपोषी दोनों तरीके आते हैं; श्वसन, जो वायवीय भी हो सकता है और अवायवीय भी; वहन, जिसमें मनुष्य का परिसंचरण तंत्र और पादपों का जाइलम-फ्लोएम आता है; और उत्सर्जन, जिसमें वृक्क तथा वृक्काणु की भूमिका है। हर तकनीकी शब्द के साथ जरूरी अंग्रेज़ी शब्द भी कोष्ठक में दिया गया है।