A.P. का nवाँ पद aₙ = a + (n − 1)d, जहाँ a पहला पद और d सार्व अंतर है।
a=10, d=−3। a₃₀ = 10 + 29×(−3) = 10−87 = −77।
−77
A.P.: a=7, d=3, n=8 दिया है।
aₙ ज्ञात कीजिए।
सार्व अंतर (Common difference) d = दूसरा पद − पहला पद। लगातार हर दो पदों का अंतर समान होना चाहिए।
A.P. में a पहला पद और d सार्व अंतर (Common difference) है, यानी अगला पद−पिछला पद। n पद का क्रमांक या कुल पदों की संख्या है। nवाँ पद aₙ=a+(n−1)d; पहले n पदों का योग Sₙ=n[2a+(n−1)d]/2। सवाल के अनुसार पद या योग वाला सूत्र चुनें।
aₙ = a + (n−1)d = 7 + 7×3 = 28।
28
A.P.: a=−18, n=10, aₙ=0 दिया है।
d ज्ञात कीजिए।
सार्व अंतर (Common difference) d = दूसरा पद − पहला पद। लगातार हर दो पदों का अंतर समान होना चाहिए।
A.P. में a पहला पद और d सार्व अंतर (Common difference) है, यानी अगला पद−पिछला पद। n पद का क्रमांक या कुल पदों की संख्या है। nवाँ पद aₙ=a+(n−1)d; पहले n पदों का योग Sₙ=n[2a+(n−1)d]/2। सवाल के अनुसार पद या योग वाला सूत्र चुनें।
0 = −18 + 9d से 9d=18, d=2।
2
किसी दिए पद aₙ का स्थान n = (aₙ − a)/d + 1। मिला n धनात्मक पूर्णांक होना चाहिए।
a=3, d=5। 3+(n−1)×5=78।
(n−1)×5=75 से n−1=15, n=16।
16वाँ पद
सार्व अंतर (Common difference) d = दूसरा पद − पहला पद। लगातार हर दो पदों का अंतर समान होना चाहिए।
A.P. में a पहला पद और d सार्व अंतर (Common difference) है, यानी अगला पद−पिछला पद। n पद का क्रमांक या कुल पदों की संख्या है। nवाँ पद aₙ=a+(n−1)d; पहले n पदों का योग Sₙ=n[2a+(n−1)d]/2। सवाल के अनुसार पद या योग वाला सूत्र चुनें।
a=7, d=6, aₙ=205। 7+(n−1)×6=205।
(n−1)×6=198 से n−1=33, n=34।
34 पद
सार्व अंतर (Common difference) d = दूसरा पद − पहला पद। लगातार हर दो पदों का अंतर समान होना चाहिए।
A.P. में a पहला पद और d सार्व अंतर (Common difference) है, यानी अगला पद−पिछला पद। n पद का क्रमांक या कुल पदों की संख्या है। nवाँ पद aₙ=a+(n−1)d; पहले n पदों का योग Sₙ=n[2a+(n−1)d]/2। सवाल के अनुसार पद या योग वाला सूत्र चुनें।
a=18, d=−5/2, aₙ=−47। 18+(n−1)×(−5/2)=−47।
(n−1)×(−5/2)=−65 से n−1=26, n=27।
27 पद
क्या A.P., 11, 8, 5, 2, ... का एक पद −150 है?
क्यों?
सार्व अंतर (Common difference) d = दूसरा पद − पहला पद। लगातार हर दो पदों का अंतर समान होना चाहिए।
a=11, d=−3। 11+(n−1)×(−3)=−150।
(n−1)×(−3)=−161 से n−1=161/3, जो पूर्णांक नहीं है। अतः −150 इस A.P. का पद नहीं है।
नहीं — n पूर्णांक नहीं बनता
A.P. का nवाँ पद aₙ = a + (n − 1)d, जहाँ a पहला पद और d सार्व अंतर है।
a+10d=38 और a+15d=73।
घटाने पर 5d=35, d=7। फिर a=38−70=−32।
a₃₁ = −32 + 30×7 = 178।
178
सार्व अंतर (Common difference) d = दूसरा पद − पहला पद। लगातार हर दो पदों का अंतर समान होना चाहिए।
सबसे छोटी तीन अंकों की 7 से विभाज्य संख्या 105, सबसे बड़ी 994। d=7।
105+(n−1)×7=994 से (n−1)×7=889, n−1=127, n=128।
128
सार्व अंतर (Common difference) d = दूसरा पद − पहला पद। लगातार हर दो पदों का अंतर समान होना चाहिए।
पहला गुणज 12, अंतिम 248, d=4।
12+(n−1)×4=248 से (n−1)×4=236, n−1=59, n=60।
60
A.P. का nवाँ पद aₙ = a + (n − 1)d, जहाँ a पहला पद और d सार्व अंतर है।
अंतिम पद से गिनने पर नई A.P. a=253, d=−5 मानें।
253 + 19×(−5) = 253−95 = 158।
158
सुब्बा राव ने 1995 में ₹5000 के मासिक वेतन पद पर कार्य आरंभ किया और प्रत्येक वर्ष ₹200 की वेतन वृद्धि प्राप्त की।
किस वर्ष में उसका वेतन ₹7000 हो गया?
सार्व अंतर (Common difference) d = दूसरा पद − पहला पद। लगातार हर दो पदों का अंतर समान होना चाहिए।
A.P. में a पहला पद और d सार्व अंतर (Common difference) है, यानी अगला पद−पिछला पद। n पद का क्रमांक या कुल पदों की संख्या है। nवाँ पद aₙ=a+(n−1)d; पहले n पदों का योग Sₙ=n[2a+(n−1)d]/2। सवाल के अनुसार पद या योग वाला सूत्र चुनें।
a=5000, d=200, aₙ=7000। 5000+(n−1)×200=7000।
(n−1)×200=2000 से n−1=10, n=11।
11वाँ वर्ष — यानी 1995 से 10 वर्ष बाद, अर्थात् 2005।
2005
रामकली ने किसी वर्ष के प्रथम सप्ताह में ₹5 की बचत की और फिर अपनी साप्ताहिक बचत ₹1.75 बढ़ाती गई। nवें सप्ताह में उसकी साप्ताहिक बचत ₹20.75 हो जाती है।
n ज्ञात कीजिए।
पहली राशि को a, हर बार की बढ़ोतरी या कमी को d और कुल बार को n मानें। कुल राशि के लिए Sₙ का सूत्र लगाएँ।
A.P. में a पहला पद और d सार्व अंतर (Common difference) है, यानी अगला पद−पिछला पद। n पद का क्रमांक या कुल पदों की संख्या है। nवाँ पद aₙ=a+(n−1)d; पहले n पदों का योग Sₙ=n[2a+(n−1)d]/2। सवाल के अनुसार पद या योग वाला सूत्र चुनें।
a=5, d=1.75, aₙ=20.75। 5+(n−1)×1.75=20.75।
(n−1)×1.75=15.75 से n−1=9, n=10।
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