सर्कस का एक कलाकार एक 20 m लंबी डोर पर चढ़ रहा है जो अच्छी तरह से तनी हुई है और भूमि पर सीधे लगे खंभे के शिखर से बंधा हुआ है। भूमि स्तर के साथ डोर द्वारा बनाया गया कोण 30° का हो।
खंभे की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
θ जमीन के साथ बना कोण है। सामने खड़ी ऊँचाई, पास क्षैतिज दूरी और तिरछी डोर/दृष्टि-रेखा कर्ण है।
सीढ़ी या डोर की लंबाई कर्ण है। ऊँचाई = लंबाई × sinθ और क्षैतिज दूरी = लंबाई × cosθ।
खंभे की ऊँचाई/डोर की लंबाई = sin30°।
ऊँचाई = 20 × sin30° = 20 × 1/2 = 10 m।
10 m
आँधी आने से एक पेड़ टूट जाता है और टूटा हुआ भाग इस तरह मुड़ जाता है कि पेड़ का शिखर जमीन को छूने लगता है और इसके साथ 30° का कोण बनाता है। पेड़ के पाद-बिंदु की दूरी, जहाँ पेड़ का शिखर जमीन को छूता है, 8 m है।
पेड़ की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
θ जमीन के साथ बना कोण है। सामने खड़ी ऊँचाई, पास क्षैतिज दूरी और तिरछी डोर/दृष्टि-रेखा कर्ण है।
सीढ़ी या डोर की लंबाई कर्ण है। ऊँचाई = लंबाई × sinθ और क्षैतिज दूरी = लंबाई × cosθ।
खड़ा भाग = 8 × tan30° = 8/√3 = 8√3/3 m।
टूटा भाग (कर्ण) = 8/cos30° = 16/√3 = 16√3/3 m।
मूल ऊँचाई = खड़ा भाग + टूटा भाग = 8√3/3 + 16√3/3 = 24√3/3 = 8√3 m।
8√3 m
भूमि के एक बिंदु से, जो मीनार के पाद-बिंदु से 30 m की दूरी पर है, मीनार के शिखर का उन्नयन कोण 30° है।
मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
θ जमीन के साथ बना कोण है। सामने खड़ी ऊँचाई, पास क्षैतिज दूरी और तिरछी डोर/दृष्टि-रेखा कर्ण है।
सीढ़ी या डोर की लंबाई कर्ण है। ऊँचाई = लंबाई × sinθ और क्षैतिज दूरी = लंबाई × cosθ।
ऊँचाई/30 = tan30° = 1/√3।
ऊँचाई = 30/√3 = 10√3 m।
10√3 m
भूमि से 60 m की ऊँचाई पर एक पतंग उड़ रही है। पतंग में लगी डोरी को अस्थायी रूप से भूमि के एक बिंदु से बांध दिया गया है। भूमि के साथ डोरी का झुकाव 60° है।
यह मानकर कि डोरी में कोई ढील नहीं है, डोरी की लंबाई ज्ञात कीजिए।
θ जमीन के साथ बना कोण है। सामने खड़ी ऊँचाई, पास क्षैतिज दूरी और तिरछी डोर/दृष्टि-रेखा कर्ण है।
सीढ़ी या डोर की लंबाई कर्ण है। ऊँचाई = लंबाई × sinθ और क्षैतिज दूरी = लंबाई × cosθ।
ऊँचाई/डोरी = sin60° = √3/2।
डोरी = 60/(√3/2) = 120/√3 = 40√3 m।
40√3 m
1.5 m लंबा एक लड़का 30 m ऊँचे एक भवन से कुछ दूरी पर खड़ा है। जब वह ऊँचे भवन की ओर जाता है तब उसकी आँख से भवन के शिखर का उन्नयन कोण 30° से 60° हो जाता है।
बताइए कि वह भवन की ओर कितनी दूरी तक चलकर गया है।
पहले कुल ऊँचाई में से आँख की ऊँचाई घटाएँ। उसी ऊर्ध्वाधर अंतर के लिए पहले और बाद की क्षैतिज दूरियाँ निकालें।
tanθ = (कुल ऊँचाई−आँख की ऊँचाई)/क्षैतिज दूरी। दोनों ओर के बिंदुओं के लिए अलग दूरी लें।
आँख से भवन के शिखर की प्रभावी ऊँचाई = 30 − 1.5 = 28.5 m।
d₁ = 28.5/tan30° = 28.5√3 = 57√3/2 m। d₂ = 28.5/tan60° = 28.5/√3 = 19√3/2 m।
d₁ − d₂ = 57√3/2 − 19√3/2 = 38√3/2 = 19√3 m।
19√3 m
एक 80 m चौड़ी सड़क के दोनों ओर आमने-सामने समान लंबाई वाले दो खंभे लगे हुए हैं। इन दोनों खंभों के बीच सड़क के एक बिंदु से खंभों के शिखर के उन्नयन कोण क्रमशः 60° और 30° हैं।
खंभों की ऊँचाई और खंभों से बिंदु की दूरी ज्ञात कीजिए।
दोनों खंभे बराबर ऊँचे हैं। P उनके बीच है; PA + PC = 80 मी। दोनों ओर की दूरियाँ जोड़ें, घटाएँ नहीं।
tanθ = सम्मुख/संलग्न = ऊँचाई/क्षैतिज दूरी। आँख या मंच की ऊँचाई हो तो अंत में उसे जोड़ें।
बिंदु की 60° वाले खंभे से दूरी x, तो दूसरे खंभे से दूरी 80−x। ऊँचाई h = x·tan60° = (80−x)·tan30°।
x√3 = (80−x)/√3 से 3x = 80−x, x=20। दूसरी दूरी = 60।
h = 20×tan60° = 20√3 m।
ऊँचाई = 20√3 m; दूरियाँ 20 m और 60 m
समुद्र-तल से 75 m ऊँची लाइट हाउस के शिखर से देखने पर दो समुद्री जहाजों के अवनमन कोण 30° और 45° हैं। लाइट हाउस के एक ही ओर एक जहाज दूसरे जहाज के ठीक पीछे हो।
दो जहाजों के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।
दो बिंदु मीनार की एक ही ओर हैं। एक ही ऊँचाई के लिए दोनों समकोण त्रिभुजों के समीकरण बनाएँ; दूरियों का अंतर चाहिए। अवनमन कोण संबंधित उन्नयन कोण के बराबर है।
ऊपर से अवनमन कोण नीचे के बिंदु से उन्नयन कोण के बराबर होता है। फिर tanθ = ऊँचाई/दूरी लगाएँ।
45° वाला जहाज: दूरी = 75/tan45° = 75 m। 30° वाला: दूरी = 75/tan30° = 75√3 m।
दूरी = 75√3 − 75 = 75(√3−1) m।
75(√3 − 1) m
1.2 m लंबी एक लड़की भूमि से 88.2 m की ऊँचाई पर एक क्षैतिज रेखा में हवा में उड़ रहे गुब्बारे को देखती है। किसी भी क्षण लड़की की आँख से गुब्बारे का उन्नयन कोण 60° है। कुछ समय बाद उन्नयन कोण घटकर 30° हो जाता है।
इस अंतराल के दौरान गुब्बारे द्वारा तय की गई दूरी ज्ञात कीजिए।
पहले कुल ऊँचाई में से आँख की ऊँचाई घटाएँ। उसी ऊर्ध्वाधर अंतर के लिए पहले और बाद की क्षैतिज दूरियाँ निकालें।
tanθ = (कुल ऊँचाई−आँख की ऊँचाई)/क्षैतिज दूरी। दोनों ओर के बिंदुओं के लिए अलग दूरी लें।
आँख से गुब्बारे की प्रभावी ऊँचाई = 88.2 − 1.2 = 87 m।
d₁ = 87/tan60° = 29√3 m। d₂ = 87/tan30° = 87√3 m।
d₂ − d₁ = 87√3 − 29√3 = 58√3 m।
58√3 m
एक सीधा राजमार्ग एक मीनार के पाद तक जाता है। मीनार के शिखर पर खड़ा एक आदमी एक कार को 30° के अवनमन कोण पर देखता है जो कि मीनार के पाद की ओर एक समान चाल से जाता है। छः सेकेंड बाद कार का अवनमन कोण 60° हो गया।
इस बिंदु से मीनार के पाद तक पहुँचने में कार द्वारा लिया गया समय ज्ञात कीजिए।
दो बिंदु मीनार की एक ही ओर हैं। एक ही ऊँचाई के लिए दोनों समकोण त्रिभुजों के समीकरण बनाएँ; दूरियों का अंतर चाहिए। अवनमन कोण संबंधित उन्नयन कोण के बराबर है।
ऊपर से अवनमन कोण नीचे के बिंदु से उन्नयन कोण के बराबर होता है। फिर tanθ = ऊँचाई/दूरी लगाएँ।
मीनार की ऊँचाई h हो। पहली दूरी d₁ = h/tan30° = h√3। दूसरी दूरी (6 सेकेंड बाद) d₂ = h/tan60° = h/√3।
6 सेकेंड में तय दूरी = d₁−d₂ = h√3 − h/√3 = 2h/√3। चाल = (2h/√3)/6 = h/(3√3) प्रति सेकेंड।
शेष दूरी d₂ = h/√3 तय करने में समय = d₂/चाल = (h/√3) ÷ (h/(3√3)) = 3 सेकेंड।
3 सेकेंड
मीनार की ऊँचाई 6 m है।
दो बिंदु मीनार की एक ही ओर हैं। एक ही ऊँचाई के लिए दोनों समकोण त्रिभुजों के समीकरण बनाएँ; दूरियों का अंतर चाहिए। अवनमन कोण संबंधित उन्नयन कोण के बराबर है।
ऊपर से अवनमन कोण नीचे के बिंदु से उन्नयन कोण के बराबर होता है। फिर tanθ = ऊँचाई/दूरी लगाएँ।
मीनार की ऊँचाई h, कोण θ मान लें। निकट बिंदु (4m) से: h/4 = tanθ। दूर बिंदु (9m) से कोण पूरक (90°−θ) है: h/9 = tan(90°−θ) = cotθ।
दोनों समीकरण गुणा करने पर (h/4)(h/9) = tanθ·cotθ = 1, अर्थात् h²/36 = 1।
h² = 36, इसलिए h = 6 m — जो सिद्ध करना था।