द्विघात बहुपद ax² + bx + c के शून्यक α, β हों, तो α + β = −b/a और αβ = c/a।
बहुपद का शून्यक (Zero) वह मान है जिस पर बहुपद का मान 0 हो। गुणनखंडों का गुणनफल 0 हो तो कम-से-कम एक गुणनखंड 0 होगा। इसलिए प्रत्येक गुणनखंड को अलग-अलग 0 रखकर हल करें। ax²+bx+c के लिए शून्यकों का योग −b/a और गुणनफल c/a होना चाहिए; अंत में यही जाँचेंगे।
x² − 2x − 8 = x² − 4x + 2x − 8 = x(x−4) + 2(x−4) = (x+2)(x−4)।
शून्यक −2 और 4 हैं।
योग = −2+4 = 2 = −(−2)/1 ✓। गुणनफल = −2×4 = −8 = (−8)/1 ✓।
शून्यक −2 और 4 हैं।
द्विघात बहुपद ax² + bx + c के शून्यक α, β हों, तो α + β = −b/a और αβ = c/a।
बहुपद का शून्यक (Zero) वह मान है जिस पर बहुपद का मान 0 हो। गुणनखंडों का गुणनफल 0 हो तो कम-से-कम एक गुणनखंड 0 होगा। इसलिए प्रत्येक गुणनखंड को अलग-अलग 0 रखकर हल करें। ax²+bx+c के लिए शून्यकों का योग −b/a और गुणनफल c/a होना चाहिए; अंत में यही जाँचेंगे।
6x² − 7x − 3 = 6x² − 9x + 2x − 3 = 3x(2x−3) + 1(2x−3) = (3x+1)(2x−3)।
शून्यक −1/3 और 3/2 हैं।
योग = −1/3+3/2 = 7/6 = −(−7)/6 ✓। गुणनफल = (−1/3)×(3/2) = −1/2 = (−3)/6 ✓।
शून्यक −1/3 और 3/2 हैं।
द्विघात बहुपद ax² + bx + c के शून्यक α, β हों, तो α + β = −b/a और αβ = c/a।
बहुपद का शून्यक (Zero) वह मान है जिस पर बहुपद का मान 0 हो। गुणनखंडों का गुणनफल 0 हो तो कम-से-कम एक गुणनखंड 0 होगा। इसलिए प्रत्येक गुणनखंड को अलग-अलग 0 रखकर हल करें। ax²+bx+c के लिए शून्यकों का योग −b/a और गुणनफल c/a होना चाहिए; अंत में यही जाँचेंगे।
4u² + 8u = 4u(u + 2)।
शून्यक 0 और −2 हैं।
योग = 0+(−2) = −2 = −8/4 ✓। गुणनफल = 0×(−2) = 0 = 0/4 ✓।
शून्यक 0 और −2 हैं।
द्विघात बहुपद ax² + bx + c के शून्यक α, β हों, तो α + β = −b/a और αβ = c/a।
बहुपद का शून्यक (Zero) वह मान है जिस पर बहुपद का मान 0 हो। गुणनखंडों का गुणनफल 0 हो तो कम-से-कम एक गुणनखंड 0 होगा। इसलिए प्रत्येक गुणनखंड को अलग-अलग 0 रखकर हल करें। ax²+bx+c के लिए शून्यकों का योग −b/a और गुणनफल c/a होना चाहिए; अंत में यही जाँचेंगे।
t² − 15 = (t − √15)(t + √15)।
शून्यक √15 और −√15 हैं।
योग = √15+(−√15) = 0 = −0/1 ✓। गुणनफल = √15×(−√15) = −15 = −15/1 ✓।
शून्यक √15 और −√15 हैं।
यदि शून्यकों का योग S और गुणनफल P हो, तो एक द्विघात बहुपद x² − Sx + P होता है। इसका कोई भी अशून्य गुणज भी सही है।
x² − (योग)x + (गुणनफल) = x² − (1/4)x + (−1)।
x² − x/4 − 1, या साफ़ गुणांकों के लिए: 4x² − x − 4।
यदि शून्यकों का योग S और गुणनफल P हो, तो एक द्विघात बहुपद x² − Sx + P होता है। इसका कोई भी अशून्य गुणज भी सही है।
x² − (योग)x + (गुणनफल) = x² − √2 x + 1/3।
x² − √2 x + 1/3, या साफ़ गुणांकों के लिए: 3x² − 3√2 x + 1।
यदि शून्यकों का योग S और गुणनफल P हो, तो एक द्विघात बहुपद x² − Sx + P होता है। इसका कोई भी अशून्य गुणज भी सही है।
x² − (योग)x + (गुणनफल) = x² − 0×x + √5।
x² + √5।
यदि शून्यकों का योग S और गुणनफल P हो, तो एक द्विघात बहुपद x² − Sx + P होता है। इसका कोई भी अशून्य गुणज भी सही है।
x² − (योग)x + (गुणनफल) = x² − x + 1।
x² − x + 1।
यदि शून्यकों का योग S और गुणनफल P हो, तो एक द्विघात बहुपद x² − Sx + P होता है। इसका कोई भी अशून्य गुणज भी सही है।
x² − (योग)x + (गुणनफल) = x² − (−1/4)x + 1/4।
x² + x/4 + 1/4, या साफ़ गुणांकों के लिए: 4x² + x + 1।
यदि शून्यकों का योग S और गुणनफल P हो, तो एक द्विघात बहुपद x² − Sx + P होता है। इसका कोई भी अशून्य गुणज भी सही है।
x² − (योग)x + (गुणनफल) = x² − 4x + 1।
x² − 4x + 1।